नॉन घोटाला मामला में सुप्रीम कोर्ट ह चिंतामणि के याचिका ल करिस खारिज

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रायपुर-

साल 2015 में नागरिक वितरण प्रणाली में गड़बड़ी अउ अनियमितता के बाद पर्दा में आय नॉन घोटाला मामला मे सुप्रीम कोर्ट ह चिंतामणि चंद्राकर के याचिका खारिज कर देहे। छत्तीसगढ़ में स्कीम के तहत सरकार गरीब मन ल एक रुपए किलो के हिसाब से चावल बांटय। ईओडब्ल्यू अउ एसीबी टीम ह फरवरी 2015 में नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारी मन के ठिकाना में छापामारे रिहिस। जेमा 36 हजार करोड़ के आर्थिक अनियमितता के जानकारी मिलीस। ये गड़बड़ी से अब प्रदेश के मौजूदा कांग्रेस सरकार नवा सिरा से जांच करवात हे |

वर्ष 2015 में उजागर होय नान घोटाला के दौरान चिंतामणि चंद्राकर उहा पदस्थ रिहिस। आरोप हे कि ये दौरान सांठगांठ कर चंद्राकर ह खुद के नियुक्ति कई महत्वपूर्ण पद में कराईस अउ रैकेट बनाके अपन अउ परिवार वाला के नाम से करोड़ों के संपत्ति बनाईस। येकर बाद से ही ईओडब्ल्यू के नजर आय से अधिक संपत्ति के मामला में येकर ऊपर रिहिस। टीम ह कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद सोमवार तड़के एक साथ चंद्राकर के चार ठिकाना में दबिश दिस।

चंद्राकर फ़िलहाल स्टेट सिविल सप्लाई कॉरपोरेशन लिमिटेड में उप लेखाधिकारी के पद में तैनात हे। अईसे में टीम ह कांकेर स्थित ओकर कार्यालय सहित दुर्ग के आदर्श नगर स्थित घर अउ ससुराल में छापा मारिस। उही समय एक टीम ह बैंगलुरू में बेटा हर्ष चंद्राकर के फ्लैट में छापामारीस । जांच टीम ल ईहा से करोड़ो के चल अचल संपत्ति के जानकारी मिलीस। शाखा के अधिकारी मन के कहना हे कि चंद्राकर शुरू से संदेह के घेरा में रिहिस लेकिन अपन पहुंच के इस्तेमाल कर बचत रिहिस |

 

 

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