छत्तीसगढ़ के दो छात्र करिस कमाल के आविष्कार, श्रवण बाधित लोगन अब सुनही हड्डी से आवाज

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jaydeep or k kartik

भिलाई-

भिलाई के इंजीनियरिंग के दो छात्र मन अईसे बोन कंडक्शन उपकरण तैयार करे हे, जेकर से श्रवण बाधित भी आसपास के आवाज ल सामान्य लोगन के तरह आसानी से सुन सकही। छोटे आकार के ये उपकरण कलाई में घड़ी के तरह पहिने जा सकथे, जेकर से येकर संपर्क हड्डियों से रही। फौजी मन बर घलो ये काफी उपयोगी साबित होही जो ऑपरेशन के दौरान हेडफोन के जरिए अधिकारी मन से जुड़े रहिथे अउ आसपास के आवाज नहीं सुन पाय। छात्रमन के प्रतिभा में ओकर सहयोग रिटायर्ड वैज्ञानिक करे हे ।

खास बात यह हे कि अमेरिका में ये तकनीक से तैयार उपकरण जहां काफी महंगा हे, यह मशीन बाजार में मात्र हजार रुपए में उपलब्ध होही। छात्र मन येकर पेटेंट भी करा डरे हे । छात्र जयदीप तिवारी अउ के. कार्तिक ह बताईस कि ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ टेक्निकल एजुकेशन (एआइसीटीई) में राष्ट्रीय प्रतियोगिता कराय रिहिस ।जेमा ओकर आविष्कार बोन कंडक्शन ल प्रथम पुरस्कार स्वरूप 10 लाख रुपय मिले रिहिस। इसरो के रिटायर्ड वैज्ञानिक दीपक भोपटकर अउ मैंटर पुणे हर्मन टेक्नोलॉजी के वाइस प्रेसिडेंट सुदर्शन नाटु ये आविष्कार उपर सहयोग करे हे। चार महीना के भीतर ये उपकरण बाजार में आ जही। वर्ल्ड बैंक से संबंधित लैब सेंट्रल ऑफ एक्सीलेंट इन सीओईपी में ये उपकरण उपर काम करत हे ।

ये उपकरण अईसे श्रवण बाधित, जेकर कान के कॉक्लियर खराब होगे हे ओकर लिए ये उपकरण कारगर नहीं हे। लेकिन जेकर कान के ड्रम खराब होय हे ओकर बर कोनो वरदान से कम नई हे ।

 

 

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