बजट में हो सकत हे ये बडे घोषणा, सालाना 10 लाख के नकद निकासी उपर लग सकत हे टैक्स

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paisa

नईदिल्ली-

 नरेंद्र मोदी सरकार ह डिजिटल लेन-देन ल बढ़ावा देबर कई कदम उठाय हे । अब सरकार ये दिशा में एक अउ नियम ला सकत हे। दरअसल सरकार कागजी मुद्रा के उपयोग ल कम करे बर एक साल में 10 लाख से ज्यादा के नकद निकासी करने वाला लोगन उपर टैक्स लगाये के संभावना उपर विचार करत हे। काला धन उपर अंकुश लगाय बर ये कदम जल्द ही उठाय जा सकत हे।

सरकार एक अउ नियम उपर विचार करत हे। भारी रकम निकासी करने वाला लोगन के पहचान करे बर सरकार आधार प्रमाणीकरण के अनिवार्य करे के प्रस्ताव उपर विचार करत हे। जेकर से नकद लेनदेन के टैक्स रिटर्न से आसानी से मिलान हो सकही ।

जईसे की 50 हजार से अधिक पईसा जमा करे बर पैन कार्ड दिये जाथे उही तरह से 10 लाख से ज्यादा के नकद निकासी उपर सरकार द्वारा आधार संख्या ल अनिवार्य किये जा सकत हे। यूआईडी प्रमाणीकरण अउ ओटीपी ह सुनिश्चित करही कि आधार संख्या के दुरुपयोग नई हो ।मनरेगा के लाभार्थि के आधार के इस्तेमाल कर आॅथेंटिकेट रसीद के आवश्यकता होथे लेकिन अगर कोई पांच लाख रुपय के नकद निकासी करथे त अईसे नई होय।

मोदी-2.0 सरकार के पहला आम बजट वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पांच जुलाई के पेश करही। पांच जुलाई के बजट में ये नियम के घोषणा करे जा सकथे। दरअसल सरकार ये नई चाहत हे कि मध्यम वर्ग के लोगन उपर अउ गरीब उपर कानूनी बोझ बढ़ें। हालांकि ये कदम ल अभी अंतिम रूप देना बाकी हे।

 

 

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