बिजली में मालामाल छत्तीसगढ़, रोशन होत हे देश के कई राज्य

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high voltage post.High-voltage tower sky background.

रायपुर-

प्रदेश में करीब 22 हजार मेगावॉट बिजली के उत्पादन होत हे। जेमा सरकारी सेक्टर के हिस्सेदारी लगभग 10 हजार अउ प्राइवेट सेक्टर के लगभग 12 हजार मेगावॉट बिजली शामिल हे। राज्य के सरकारी बिजली उत्पादन कंपनी (सीएसपीजीसीएल) के कुल स्थापित क्षमता 3424 मेगवॉट से अधिक हे। राज्य में बिजली के अधिकतम मांग करीब 3800 से 3900 मेगावॉट के तुलना में उपलब्धता भी लगभग इतना ही रथे | अईसे में भरी गर्मी में राज्य में दिनभर में कई बार सरप्लस बिजली रह सकत हे |

मडवा स्थित एक हजार उत्पादन क्षमता वाला सरकारी बिजली संयंत्र के पूरा बिजली तेलंगाना ल बेचे जात हे । दोनों सरकार के बीच 10 वर्ष बर समझौता होय हे । येकर अलावा राज्य ह मध्यप्रदेश, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, नोएडा पॉवर सहित कुछ अउ राज्य से पॉवर एक्सचेंज एग्रीमेंट हे। इही समझौता के तहत फिलहाल मध्यप्रदेश से लगभग 250 मेगावॉट बिजली मिलत हे।

राज्य में स्थापित होने वाला निजी बिजली संयंत्र के अपन कुल बिजली के 10 फीसद हिस्सा छत्तीसगढ़ सरकार ल देना पड़थे । सरकार ह ये बिजली निजी उत्पादक लागत मूल्य ऊपर देथे। ये सरकार उपर निर्भर करथे कि ओहा ओकर से  बिजली ले या न ले।

कोयला अउ पानी के अलावा छत्तीसगढ़ में धान के भूसी, गन्ना के छिलका अउ सोलर एनर्जी से घलो बिजली के उत्पादन होथे। अईसे अपारंपरिक स्रोत से करीब 783 मेगावाट क्षमता के संयंत्र राज्य में स्थापित हे।

छत्तीसगढ़ के सरकारी बिजली कंपनी के अध्यक्ष शैलेंद्र शुक्ला के अनुसार बिजली के उपलब्धता अउ आपूर्ति के मामले में अभी छत्तीसगढ़ देश के सर्वश्रेष्ठ तीन राज्य में शामिल हे। येकर पुष्टि नेशनल पोर्टल से करे जा सकत हे। राज्य में बिजली के पर्याप्त उपलब्धता हे। अपन उत्पादन संयंत्र के साथ ही केंद्रीय कोटा अउ निजी सेक्टर से एग्रीमेंट के तहत बिजली मिलत हे। कुछ राज्य के साथ हमार पावर पर्चेज अउ पावर एक्सचेंज एग्रीमेंट घलो हे। राज्य में बिजली के कोई समस्या नई हे ।

 

 

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