छह एकड़ में जैविक खेती कर किसान ल उत्पादन करे के तरीका बताही कृषि वैज्ञानिक

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रायपुर-

इंदिरा गांधी कृषि विवि शैक्षणिक गतिविधी के अलावा बरसात के मानसून में किसान मन बर जैविक खेती ल प्रमुखता देबर  पहल करत हे। जैविक खेती में किसान कई फसल के साथ-साथ पैदावार अउ अपन आय घलो बढ़ा सकत हे, जेमा समन्वित कृषि प्रणाली शामिल हे। येकर अलावा राज्य शासन ह नरवा, गरुआ, घुरवा अउ बाड़ी संरक्षण अभियान के माध्यम से प्रदेश में खुशहाली लाय बर प्रथम चरण के योजना शुरू हो चुके हे, येमा हर संभव सहयोग देबर विवि जल्द ही कई नवा योजना उपर कार्य करे के भूमिका तैयार करत हे। उहे संचालित विभिन्न विभाग में कृषि के नवाचार ल गांव तक पहुंचाय बर विवि जिला पंचायत के माध्यम से स्वसहायता समूह के महिला मन ल प्रशिक्षण देके पहल शुरू करने वाला हे  जेकर बर गांव में रहने वाला किसान शासन के प्रमुख योजना से लाभान्वित हो सकही।

शस्य विज्ञान के वरिष्ठ वैज्ञानिक एचएल सोनबोइर ह बताईस कि नाइट्रोजन विकसित करे बर ढेंचा जईसे पौधों ल खेत में बोय गेहे जेकर से खेत में उर्वरकता तेजी से बढ़ सके साथ ही जो कृषक हे ओ ये पौधा के माध्यम से खेत मे ही यूरिया जईसे रासायनिक सामग्री आसानी से मिल जथे। येकर से कृषक ल दोगुनी आय मिले के सम्भावना रही। ये वर्ष जैविक खेती 6 एकड़ में करे जात हे जेमा विभिन्न तरह के धान के उत्पादन करे जाही | कृषि विश्वविद्यालय के प्रबंध जेपी सिंह ह जैविक खेती ल पहली प्राथमिकता देते हुए कहिस कि छात्र येमाँ रिसर्च के रूप में कार्य करही। साथ ही राज्य सरकार द्वारा किसान मन ल तीन दिवसीय प्रशिक्षण दिये जात हे। ताकि खेती अउ जैविक उत्पादकता बढ़ सके।

 

 

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